मौत को जीवन से भी ज़्यादा खुशनुमा करना है ये अब आपका निर्णय। मौत को जीवन से भी ज़्यादा खुशनुमा करना है ये अब आपका निर्णय।
उस पल उनका चेहरा देखने लायक था उस पल उनका चेहरा देखने लायक था
मैं और मयंक आगे बढ़ गए मैं और मयंक आगे बढ़ गए
मेरी वो चाय मेरी वो चाय
इन सवालों का जवाब कब और कौन देगा और क्या दे भी पायेगा ? इन सवालों का जवाब कब और कौन देगा और क्या दे भी पायेगा ?
इस दर्जे के इंसान होने को लेकर गर्व अनुभव हो रहा था। हॉल में तभी तालियों की आवाज गूँज र इस दर्जे के इंसान होने को लेकर गर्व अनुभव हो रहा था। हॉल में तभी तालियों की आवाज...